यज्ञ सम्बन्धी जानकारी
यज्ञादि कर्मोंमें आमकी समिधासे हवन नहीं करना चाहिए। परंतु लोगोंको न जाने कहांसे यह भ्रम हो गया है कि हवनमें आमकी समिधा अत्यंत उपयोगी है। *#प्रमाण*- *#यज्ञीयवृक्ष*- *1 पलाशफल्गुन्यग्रोधाः प्लक्षाश्वत्थविकंकिताः।* *उदुंबरस्तथा बिल्वश्चंदनो यज्ञियाश्च ये।।* *सरलो देवदारुश्च शालश्च खदिरस्तथा।* *समिदर्थे प्रशस्ताः स्युरेते वृक्षा विशेषतः।।* (#आह्निकसूत्रावल्यां_वायुपुराणे) *2 शमीपलाशन्यग्रोधप्लक्षवैकङ्कितोद्भवाः।* *वैतसौदुंबरौ बिल्वश्चंदनः सरलस्तथा।।* *शालश्च देवदारुश्च खदिरश्चेति याज्ञिकाः।।* (#संस्कारभास्करे_ब्रह्मपुराणे) *#अर्थ*- 1पलाश /ढाक/छौला 2फल्गु 3वट 4पाकर 5पीपल 6विकंकत /कठेर 7गूलर 8बेल 9चंदन 10सरल 11देवदारू 12शाल 13खैर 14शमी 15बेंत उपर्युक्त ये सभी वृक्ष यज्ञीय हैं, यज्ञोंमें इनका इद्ध्म (काष्ठ) तथा इनकी समिधाओंका उपयोग करना चाहिए। शमी व बेल आदि वृक्ष कांँटेदार होने पर भी वचनबलात् यज्ञमें ग्राह्य हैं। *परंतु इन वृक्षोंमें आमका नाम नहीं है।* *#यज्ञीयवृक्ष...
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